क्या हर Knee Pain में Knee Replacement Surgery जरूरी है?

Knee Replacement Surgery

नमस्कार, मैं Dr. Arun Partani, Director – Robotic Joint Replacement, Arthroscopy एवं Sports Injury, CK Birla Hospital, Jaipur। अपने experience में मैंने बार-बार देखा है कि घुटने का दर्द जितना आम लगता है, उसका treatment उतना एक जैसा नहीं होता। कुछ patients ऐसे भी आते हैं, जिनकी कहानी बताती है कि सिर्फ दर्द देखकर सीधे surgery की सलाह देना कभी-कभी कितना risky हो सकता है। आज मैं आपके साथ ऐसा ही एक case share कर रहा हूँ।

एक patient, जो सीधे Knee Replacement कराने आए थे

हमारे पास एक 58 वर्षीय पुरुष patient आए थे, घुटने के दर्द के साथ। उनका मानना था कि उनका घुटना पूरी तरह खराब हो चुका है और अब सीधे Knee Replacement के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। यह सोच बहुत आम है — घुटने में दर्द हो, चलने-फिरने में दिक्कत हो, तो ज़्यादातर लोग यही मान लेते हैं कि joint बदलवाना ही आखिरी और इकलौता समाधान है।

लेकिन जब हमने उन्हें ध्यान से देखा और observe किया, तो घुटने में कुछ ऐसा महसूस हुआ जो सामान्य नहीं था। हमने उनका X-ray बारीकी से देखा, और उसमें कुछ अलग नज़र आया — कुछ ऐसा जो एक सामान्य घिसे हुए joint के pattern से मेल नहीं खाता था।

घुटने के दर्द में MRI क्यों ज़रूरी लगी

इसी शक की वजह से हमने आगे बढ़ने से पहले उनका MRI कराने का फैसला किया। मेरा मानना है कि जब भी X-ray में कुछ असामान्य दिखे, तो सिर्फ उसके आधार पर surgery की दिशा तय कर लेना सही नहीं होता — ऐसे मामलों में घुटने के दर्द में MRI कराना एक ज़रूरी कदम बन जाता है।

MRI report ने पूरी तस्वीर बदल दी। report में साफ था कि घुटने के दर्द के साथ Tumor भी मौजूद है — एक ऐसी चीज़ जो शुरुआती जांच में किसी को नज़र नहीं आई थी।

जैसे ही Tumor की बात आती है, पूरा plan बदल जाता है

जब भी किसी case में Tumor की पुष्टि होती है, treatment की पूरी दिशा और तरीका बदल जाते हैं। सामान्य Knee Replacement में ऊपर और नीचे एक standard, छोटे size का implant लगाया जाता है, जिसके बीच में plastic spacer fit हो जाता है। इस patient का left side का घुटना ठीक इसी तरह, एक regular तरीके से बदला गया था। लेकिन जिस घुटने में Tumor पाया गया, वहां यह सामान्य तरीका काम नहीं आ सकता था।

आगे बढ़ने से पहले हमने घुटने के Tumor की Biopsy कराना ज़रूरी समझा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि Tumor किस प्रकार का है, और उसके अनुसार आगे की surgical planning की जा सके। Biopsy के बाद हमने पहले पूरा Tumor सावधानीपूर्वक निकाला।

Knee Tumor का Treatment सामान्य Surgery से किस तरह अलग होता है

Tumor निकालने के बाद हमने surgery में extra rod लगाकर नीचे से पूरी stabilization ली। technical रूप से समझें तो, एक सामान्य implant सिर्फ metaphysis यानी हड्डी के ऊपरी हिस्से को hold करता है। लेकिन इस case में लगाया गया implant पूरा नीचे तक hold लेता है, ताकि जहां Tumor था, वह कमज़ोर हिस्सा भविष्य में घुटने की stability और strength को प्रभावित न करे। Tumor वाले हिस्से में bone impaction किया गया और एक लंबा implant लगाया गया।

यही है Knee Tumor का Treatment — जहां सिर्फ joint बदलना काफी नहीं होता, बल्कि पूरी हड्डी की long-term मज़बूती को ध्यान में रखकर surgical planning करनी पड़ती है।

Patient का अपना सफर — कई doctors की एक ही सलाह, फिर एक अलग रास्ता

इस patient की कहानी वाकई सोचने पर मजबूर करती है। operation से पहले उन्हें बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि उनके घुटने में कुछ इस तरह की स्थिति मिलेगी। वे पहले भीलवाड़ा गए, वहां सेलवी में दिखाया, जहां सभी doctors ने यही कहा कि यह सामान्य Joint Replacement का मामला है और बस घुटना बदलवा लेना चाहिए।

इसी दौरान उनके कई दोस्तों और परिचितों ने सलाह दी कि जयपुर आकर पहले एक बार मुझे दिखा लें। जब वे हमारे पास पहुंचे, तो हमने उनसे साफ कहा कि हमें X-ray में कुछ doubt लग रहा है, इसलिए पहले MRI करानी चाहिए। शुरुआत में वे थोड़े असमंजस में थे, क्योंकि इससे पहले उन्हें यही बताया गया था कि सीधे घुटना बदलवा लीजिए। लेकिन MRI कराते ही स्थिति साफ हो गई — पहले Joint Replacement नहीं, बल्कि पहले Biopsy के ज़रिए Tumor की पूरी जानकारी लेनी ज़रूरी थी।

Result: एक Healthy घुटना, एक नया Confidence

आज इस patient की स्थिति देखकर सबसे ज़्यादा संतुष्टि मिलती है। वे खुद कहते हैं कि किस्मत से उनका एक घुटना बच गया। आज वे बिना किसी दिक्कत के सीढ़ियां चढ़ते हैं, गाड़ी चलाते हैं, और घर के पूरे daily routine का काम खुद करते हैं। उनके जानने वाले लोग हैरान होते हैं और पूछते हैं कि उन्होंने Joint Replacement कहां करवाया, क्योंकि उनके चलने-फिरने में कोई कमी नज़र नहीं आती।

दिलचस्प बात यह है कि जिस घुटने में Tumor था और लंबा rod लगा, उसमें और उनके सामान्य Replacement वाले घुटने में patient को कोई फर्क महसूस नहीं होता — बल्कि उनके अनुसार, rod वाला घुटना उतना ही आराम से, बल्कि उससे बेहतर चलता है। वे रोज़ाना कम से कम दो किलोमीटर पैदल चलते हैं, और इसके अलावा घर के सारे रोज़मर्रा के काम भी बिना किसी परेशानी के करते हैं।

treatment को लेकर वे पूरी तरह संतुष्ट हैं। उनके अनुसार, हमारी team ने उन्हें अपने परिवार के सदस्य की तरह समझकर treatment किया, और सही समय पर सही जांच होने से आधी परेशानी वहीं दूर हो गई थी।

इस case से मिलने वाली सबसे बड़ी सीख

यह पूरा experience मुझे बार-बार यही याद दिलाता है कि हर घुटने के दर्द का treatment एक जैसा नहीं हो सकता। इसलिए मैं अपने सभी patients को यही सलाह देता हूं:

  • अगर X-ray में कुछ भी असामान्य नज़र आए, तो सीधे Replacement की सलाह मान लेने की बजाय आगे जांच ज़रूर करानी चाहिए।
  • कई बार घुटने के दर्द में MRI कराना अनिवार्य हो जाता है, ताकि हड्डी और soft tissue की पूरी और सही तस्वीर सामने आ सके।
  • अगर MRI में घुटने के दर्द के साथ Tumor जैसी कोई असामान्य growth दिखे, तो सीधे surgery की बजाय पहले घुटने के Tumor की Biopsy करानी चाहिए।
  • ऐसे जटिल मामलों में surgery की technique, implant का चुनाव और पूरी planning सामान्य Replacement से बिल्कुल अलग होती है, और इसके लिए experience और बारीक जांच दोनों मायने रखते हैं।

अगर आप या आपके परिवार में किसी को लंबे समय से घुटने का दर्द है और आप Knee Replacement Surgery in Jaipur को लेकर सोच रहे हैं, तो हमारी यही सलाह रहेगी — surgery का फैसला लेने से पहले पूरी जांच ज़रूर कराएं। कभी-कभी एक बारीकी से देखा गया X-ray और सही समय पर कराई गई MRI, patient की पूरी ज़िंदगी की दिशा बदल सकते हैं।

 

Disclaimer: यह blog post हमारे YouTube channel पर upload की गई video पर आधारित है।